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पर्यावरण प्रदूषण

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                            पर्यावरण प्रदूषण   प्रस्तावना- पर्यावरण प्रदूषण एक बहुत बड़ी समस्या है |धरती के प्राणियों एवं वनस्पतियों को स्वस्थ व जीवित रहने के लिए हमारे पर्यावरण का स्वच्छ रहना अति आवश्यक है ,किन्तु मानव द्वारा स्वार्थ सिद्धि हेतु प्रकृति का इस प्रकार से दोहन किया जा रहा है कि हमारा पर्यावरण दूषित हो चला है  और आज पर्यावरण प्रदूषण भारत ही नही ,बल्कि विश्व की एक गंभीर समस्या बन गई है | प्रदूषण का शाब्दिक अर्थ है-गंदगी । वह गंदगी जो हमारे चारों ओर फैल गई है और जिसकी गिरफ्त में पृथ्वी के सभी निवासी हैं प्रदूषण को मोटे तौर पर तीन श्रेणियों में विभक्त किया जा सकता है-वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण । ये तीनों ही प्रकार के प्रदूषण मानव के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो रहे हैं। पर्यावरण प्रदूषण के कारण  वाहनों के परिवहन की वजह से शहरों में प्रदूषण की दर गांवों की तुलना में अधिक है। वाहनो, फैक्टरियों और उद्योगो से निकलने वाले धुएं शहरों में स्वच्छ हवा को प्रभावित कर रहे...

अंधश्रद्धा भक्ति

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 अंधश्रद्धा भक्ति पर प्रकाश-  श्री विष्णु जी, श्री शिव जी, श्री देवी दुर्गा माता जी ,श्री गणेश जी ,श्री लक्ष्मी जी, श्री पार्वती जी, तथा अन्य लोक प्रसिद्ध देवी- देवताओं की मूर्तियों की पूजा यानी उनको प्रतिदिन स्नान करवाना, नए वस्त्र पहनाना, तिलक लगाना, उन पर फूल चढ़ाना ,अच्छा भोजन बनाकर उनके मुख को भोजन लगाकर भोजन खाने की प्रार्थना करना । दूध पिलाना, अगरबत्ती व ज्योति जलाकर उनकी आरती उतारना। उनसे अपने परिवार में सुख- शांति,  समृद्धि के लिए प्रार्थना करना। नौकरी- रोजगार ,संतान व धन प्राप्ति के लिए अर्ज करना आदि आदि तथा शिवजी के लिंक (प्राइवेट पार्ट) यानि गुप्तांग की पूजा करना। उस लिंक पर दूध डालना उसके ऊपर तांबे या पीतल का स्टैंड रखकर तांबे या पीतल का घड़ा  (छोटी टोकनी) के नीचे तली में बारीक छेद करके पानी से भरकर रखना जिससे लगातार लिंग के ऊपर शीतल जल की धारा गिरती रहती हैं।यह मूर्ति पूजा है। श्रीमद भगवत गीता के अध्याय 16 श्लोक 23- 24 में स्पष्ट निर्देश है कि जो साधक शास्त्रों में वर्णित भक्ति की क्रियाओं के अतिरिक्त साधना व क्रियाएं करते हैं उनको ना सुख की प्राप्ति हो...

जीव हत्या पाप है

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मास खाना महापाप है यह अल्लाह का आदेश नहीं है जो कच्चा मांस खाता है जो मनुष्य द्वारा पक्का हुआ किसी भी प्राणी की हत्या करो परमात्मा सब का हिसाब लेता है।  भगवान ने मनुष्य को शाकाहारी भोजन खाने का आदेश दिया ना कि हमें मांस मिट्टी खाने का यह प्रमाण पवित्र बाइबल में लिखा हुआ है। देवता भी मनुष्य जीवन को तरसते हैं क्योंकि मोक्ष मनुष्य जीवन में ही हो सकता है। और परमात्मा का विधान है कोई भी मांस खाने वाला मोक्ष प्राप्त नहीं कर सकता और आप इस अनमोल जीवन को मांस खाने में बर्बाद कर रहे हो।

सच्चा सतगुरु

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सच्चा सतगुरु वह है जो हमारे सभी धर्मों के सद ग्रंथ से प्रमाणित ज्ञान व सत भक्ति देखकर जन्म मृत्यु से छुटकारा दिला दे सतभक्ति केवल संत रामपाल जी महाराज जी बताते हैं। आज तक किसी भी संत ने यह नहीं बताया कि श्रीमद भगवत गीता जी का ज्ञान काल ब्रह्म ने श्री कृष्ण जी के शरीर में प्रवेश करके बोला था यह भेद केवल संत रामपाल जी महाराज ने ही प्रमाण सहित बताया है। सच्चा सतगुरु वही है जिसके द्वारा बताई गई भक्ति विधि प्रमाणित हो शास्त्र प्रमाणित भक्ति पूरे विश्व में केवल रामपाल जी महाराज के पास ही है।
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        नशा एक अभिशाप        नशा एक अभिशाप   चाहे शराब, सुल्फा, अफीम, हीरोइन आदि-आदि किसी का भी करते हो, यह आप का सर्वनाश का कारण बनेगा! नशा सर्वप्रथम तो इंसान को शैतान बनाता है फिर शरीर का नाश करता है तथा शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग है फेफड़े, जिगर, गुर्दे, हृदय शराब सर्वप्रथम इन चारों अंगों को खराब करती हैं सुल्फा (चरस) दिमाग को पूरी तरह नष्ट कर देता है, हीरोइन शराब से भी अधिक शरीर को खोखला करती हैं  एक शराबी अनेकों व्यक्तियों की आत्मा दुखता है केवल 1 घंटे के नशे में धन का नाश इज्जत का नाश परिवार की शांति का नाश कर दिया  क्या वह व्यक्ति भविष्य में सुखी हो सकता है? कभी नहीं नर्क जैसा जीवन जीएगा | नशे से बचने  के उपाय - देश में बहुत से NGO  व नशा मुक्ति केंद्र खुले हुए हैं बावजूद इसके देश में नशा व्याप्त हैं सच तो यही है कि केवल पूर्ण संत की शरण में जाने से ही देश नशा मुक्त हो सकता है और वर्तमान में Drug Free India  तैयार कर रहे हैं सतगुरु रामपाल जी महाराज, उनके शिष्य न तो नशा करते हैं और न ही किसी प्रकार के ...